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Vata Cure

Pain Relief Oil is Ayurvedic oil for joint pain, It’s useful for any kind of Joint Pain. Quantity - 100ml

Description

 

This Pain Relief Oil has been manufactured with very rare herbs by Ayurvedic ksheer pack method so it’s complete Ayurvedic oil for joint pain. It is effective in destroying the body’s muscular pain, joint pain, sciatica, paralysis, headache, back pain, etc.

Usage Method: - Heat the Pain Relief Oil in low flame till it gets little lukewarm n now massage the painful portion with lukewarm Pain Relief Oil at least twice a day for 15-15 minutes. Within a week patients get favorable results by massage of Vata cure Pain Relief Oil. Especially for patients with sciatica and paralysis, it is compulsory to use Vata cure Pain Relief Oil for 3 to 4 months regularly for good and sustainable results. This Ayurvedic oil for joint pain can heal any type of Joint pain. Don’t hesitate to use it’s an Ayurvedic oil for joint pain.

Caution: - Vata cure Pain Relief Oil is manufactured for external use only, Some of the herbs used in the manufacture are partially toxic. so after using it, wash hands properly and keep it away from the reach of children.

यह तेल अत्यंत दुर्लभ जड़ी बूटियों से क्षीर-पाक विधि द्वारा निर्मित है इसलिए यह पूर्ण आयुर्वेदिक संयुक्त दर्द तेल है, यह शरीर के मासपेशियों के दर्द, जोड़ो के दर्द , साइटिका, लकवा, सिर दर्द, कमर दर्द अदि अनेक प्रकार के रोगो का नाश करने में कारगर है|

प्रयोग विधि: - इस तेल को मद्धि आँच पर थोड़ा गुनगुना कर के दर्द वाले हिस्से पर दिन में कम से कम २ बार १५-१५ मिनट तक मालिश करे | वाता क्योर की मालिश से सप्ताह भर में ही अनुकूल परिणाम प्राप्त होने लगते है. विशिष्टतः साइटिका व लकवा के रोगियों को अच्छे व चिरस्थाई परिणाम हेतु वाता क्योर का नियमित रूप से ३ से ४ माह तक इस्तेमाल करना अनिवार्य है | यह आयुर्वेदिक जोड़ दर्द का तेल जोड़ों के दर्द के किसी भी घाव को ठीक कर सकता है। आयुर्वेदिक जोड़ों के दर्द के तेल का उपयोग करने में संकोच न करें।

सावधानी: - वाता क्योर सिर्फ बाह्य उपयोग के लिए बनाया गया जिसके निर्माण में आयुर्वेद की कुछ ऐसी जड़ी बुटिया का प्रयोग भी होता है जो आंशिक रूप से विषाक्त होती है अतः इसके प्रयोग क बाद हाथो को अच्छी तरह धो ले एवं इसे बच्चो की पहुँच से दूर रखे.